1. डिजिटल रुपए (e – Rupee) से इन्वेस्टमेंट: टेक्नोलॉजी का फायदा उठाएंभारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी डिजिटल रुपया अब शरीफ एक कॉन्सेप्ट नहीं रहा | 2026 तक यह टैक्स सेविंग का पॉवरफुल टूल बनने जा रहा है डिजिटल रुपए से किए गए निवेश पर पूरी टजैक्शनहिस्ट्री ब्लाकचैन पर रिकॉर्ड रहती है जिससे आपके टैक्स क्लेम को सत्यापित करना आसान हो जाता हैक्या करे?अपने डिजिटल रुपया वॉलेट को सीधे टैक्स सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स जैसे ELSS म्युचुअल फंड,सरकारी बॉन्ड या NPS से लिंक करें हर लेनदेन ऑटोमेटिक होगा, जो ITR फाइलिंग के समय डॉक्यूमेंटेशन का काम आएगाटैक्स बेनिफिट:. सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख तक की छूट. डिजिटल रिकॉर्ड से ऑडिट में आसानी. ट्रांजैक्शन फी न्यूनतम2. ग्रीन इन्वेस्टमेंट: पर्यावरण बचाएं, टैक्स बचाए 2026 तक सरकार ESG (Environmental Social Governance) फंड्स को बढ़ावा देने के लिए नए टैक्स इंसेंटिव ला सकती है सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स इलेक्ट्रिक वाहन या वेस्ट मैनेजमेंट में निवेश करने पर अतिरिक्त टैक्स पर छूट मिल सकती हैं| क्या करे?SEBI रजिस्टर्ड ग्रीन म्युचुअल फंड्स या ग्रीन बॉन्ड्स मैं निवेश शुरू करें अगर आपका सालाना टर्नओवर 50 लाख से अधिक है तो बिजनेस में इको फ्रेंडली उपकरण लगाने का अतिरिक डेप्रिसिएशन क्लेम कर सकते हैं|टैक्स बेनिफिट:. सेक्शन 80CCF के तहत अतिरिक्त 50000 की छूट (संभावित). ग्रीन बॉन्ड्स पर इनकम टैक्स फ्री. बिजनेस में 30% तक अतिरिक्त डेप्रिसिएशन3. रेंटल इनकम को टैक्स — ऑप्टिमाइज करने का नया तरीकाअगर आप प्रॉपर्टी किराए पर देते है तो 2026 मैं आप नए रेंटल इनकम डेडक्शन स्कीम का फायदा उठा सकते हैं इसके तहत आप किराए की आमदनी को सीधे रिटायरमेंट फंड मैं निवेश करके उस पर टैक्स छूट पा सकते हैं|क्या करे?अपने किरए की आय का 40% तक हिस्सा NPS मैं निवेश करे | यहां न केवल सेक्शन 80CCD 1(B) के तहत अतिरिक्त 50000 की टैक्स बचत देगा बल्कि रेंटल इनकम पर टैक्स भी कम करेगा |4. Freelancers के लिए टैक्स होलीडे (नया प्रपोजल)2026 तक सरकार डिजिटल इकोनामी को बढ़ावा देने के लिए फ्रीलांसर और गिग वर्कर्स के लए विशेष टैक्स राहत की घोषणा कर सकती है 20 लाख तक की सालाना फ्रीलांस इनकम पर टैक्स छठ का प्रपोजल चर्चा में है|क्या करे?अपने सभी फ्रीलांस पेमेंट्स को एक डिजिटल वॉलेट/बैंक अकांउट में रखे और GST registration करे ( अगर टर्नओवर 20लाख से अधिक है) इससे आप इनपुट टैक्स क्रेडिट का फयदा उठा सकते हैंटैक्स बेनिफिट: . 20 लाख तक की फ्रीलांस इनकम टैक्स फ्री (संभावित).GST रजिस्ट्रेशन पर इनपुट टैक्स क्रेडिट. व्यावसायिक खर्चों पर 100% डिडक्शन5. हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपेंस को टैक्स बेनिफिट में बदले 2026 में नए प्रपोजल के मुताबिक जिम मेंबरशिप मेंटल हेल्थ थेरेपी योगा क्लासेस और प्रीवेंटिव हेल्थ चैकअप्स पर खर्च को सेक्शन 80D के तहत क्लेम किया जा सकता हैं |क्या करे?सभी हैल्थ एंड वेलनेस खर्चो की डिजिटल रसीले रखें हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के अलावा प्रीवेंटिव हेल्थ केयर पर 25 000 तक के खर्च को डिडक्शन के रूप में दिखाएं |टैक्स बेनिफिट:. सेक्शन 80D के तहत अतिरिक्त 25 000 की छूट. फैमिली हेल्थ एक्सपेंड कर. प्रीवेंटिव केयर पर 100% डिडक्शनअंतिम सलाह2026 की टैक्स प्लानिंग आज से शुरू करें wealthgard के एक्सपर्ट्स आपकी इनकम स्ट्रक्चर एनालाइज करके पर्सनलाइज्ड टैक्स सेविंग स्ट्रेटजी बनाएंगे पहले क्वार्टर अप्रैल जून 2026 में ही अपना टैक्स प्लान तैयार कर ले ताकि पूरे सल निवेश को समझदारी से अलाकेट कर सके Post navigation 📍 दिल्ली का मौसम – आज 23 जनवरी 2026